मेरे ख्वाहिशों को पंख लग गए मन उड़ रहा है खुशियों के अंबर में गोते लगा रहा हूं तुम्हारे वादों में सदैव बहते रहना चाहता हूं इरादों की रसधार में बातों बातों में तुम्हारे दिल के हर राज खुल गए तुम्हारे भावनाओ से रूबरू होकर मन में खुशियों की महफिल सजने लगी है
तुम्हारे मुस्कुराने की अदा पसंद आती है शर्माकर पलके झुकाने की अदा पसंद आती है मेरा इरादा है तुम्हारे पहलू में रहकर यह उम्र गुजर जाए मेरे ख्वाहिशों में दस्तक देती हो हर घड़ी अब चाहतों में अपने तुम्हारा इंतजार रहता है